Wednesday, August 4, 2010

सम्मान


मन बहुत खुश है आज क्योंकि पता चला है कि रंगमंच में मेरे प्रयासों को "ग्वालियर विकास समिति" मान प्रदान करने के लिए १५ अगस्त को मुझे सम्मानित करने जा रही है।११ सालों का रंगमंचीय सफ़र तय किया है मैंने जहाँ अपने परिवार,मित्रों ,दर्शकों और समाज का भरपूर सहयोग मिला है मुझे। अलग-अलग किस्म के किरदार निभाएं हैं मैंने कई नाटकों में।आर्टिस्ट्स कम्बाइन नामक ७५ वर्ष पुरानी और ख्याति प्राप्त संस्था से १० वर्षों से जुडी हूँ।इस संस्था के साथ मैंने बेहतरीन नाटकों का मंचन किया है। किसी भी कार्य के लिए जब किसी को पहचान और सम्मान मिलता है तो मन मयूर नाच उठता है और उस दिशा में काम करने का संबल मिलताहै। 
हृदय से
ईश्वर,परिवार,मित्रों,सहकलाकारों,दर्शकों,समाज और ग्वालियर विकास समिति का आभार व्यक्त करती हूँ।

Sunday, August 1, 2010

मित्रता-दिवस

अंग्रेजी सभ्यता के अनुसार आज मित्रता-दिवस है।वैसे तो हम लोग रोज़ ही अपने मित्रों से संपर्क में रहते हैं,लेकिन आज के दिन अगर उन्हें एक भावुक सन्देश भेजा जाये तो इस मित्रता में चार चाँद लग जाते हैं और प्रगाढ़ता आ जाती है।अपने मित्र को यह बताना कि वह हमारे लिए कितना खास है,अपने आप में एक सुखद अनुभूति है। तो आज के दिन मैं अपने सभी मित्रों को शुभ-कामनाएँ
देते हुए उनका आभार व्यक्त करना चाहती हूँ जिन्होंने मुझ जैसी अजब पहेली को न केवल समझा,बल्कि कदम-कदम पर मेरा हौसला बढ़ाया और मेरे सहयात्री बने।मेरी सफलता से उन्हें ईर्ष्या नहीं प्रसन्नता मिली।वो हमेशा मेरे लिए मूल्यवान रहेंगे।ईश्वर उनकी सभी मनोकामनाएँ पूरी करे,ऐसी मेरी कमाना है। मित्रता एक चमत्कार है जो दिल में होता है।